मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नदी घाटों और सूर्य मंदिरों में सूर्य-अर्घ्य तथा तिल-दान के लिये विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रशासन और स्वयंसेवक मिलकर स्नान के स्थानों पर साफ-सफाई, ड्रेनेज व प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। भक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित जगहों पर ही स्नान करें और पर्यावरण को संरक्षित रखें। स्थानीय मठों तथा यज्ञशालाओं में सामाजिक सहयोग के अंतर्गत गर्म पेय और भोजन वितरण के प्रबंध भी किये जा रहे हैं। कई स्थानों पर घरेलू-स्तर पर तिल के पकवान वितरित किये जाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से पर्व की महत्ता बताई जाएगी। आयोजक यह भी आग्रह कर रहे हैं कि बुजुर्ग एवं असमर्थ व्यक्ति विशेष सहायता केन्द्रों का लाभ लें ताकि वे सुरक्षित रूप से पर्व कर सकें। इस तरह के व्यवस्थित प्रबंध श्रद्धालुओं को सुगम व सुरक्षित तीर्थ-अनुभव प्रदान करने में सहायक होते हैं।
मकर संक्रांति: सूर्य-अर्घ्य व तिल-दान की व्यवस्थाएँ घाटों पर
