उज्जैन के एक प्राचीन मंदिर परिसर में स्थानीय प्रशासन और धर्मप्रेमी संगठनों के संयुक्त प्रयास से सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार मंदिर के मुख्य द्वार, गर्भगृह तक जाने वाले मार्ग और सभामंडप में आवश्यक मरम्मत एवं सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस परियोजना के लिए दानदाताओं और समाजसेवकों ने आर्थिक सहयोग भी दिया है।
सौंदर्यीकरण में पारंपरिक शिल्पकला को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मंदिर की ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रहे। मंदिर समिति ने बताया कि भविष्य में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी बेहतर की जाएंगी। स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिलेगी।
परियोजना का उद्देश्य न केवल मंदिर की सुरक्षा और संरक्षण है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखना भी है। समिति का मानना है कि ऐसे प्रयासों से लोगों में धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक जुड़ाव मजबूत होता है।

