तुलसी को हिंदू धर्म में ‘देवी’ का स्थान दिया गया है। इसे घर में रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि तुलसी वातावरण को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा फैलाती है। पुराणों के अनुसार तुलसी का पौधा परिवार की रक्षा करता है और घर में सुख-समृद्धि लाता है।
तुलसी का आयुर्वेद में विशेष स्थान है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जुकाम-खांसी में राहत देता है और शरीर को हानिकारक जीवाणुओं से बचाता है।
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि तुलसी आसपास की हवा में मौजूद हानिकारक प्रदूषकों को कम करती है और ऑक्सीजन स्तर बढ़ाती है। यही कारण है कि तुलसी के पौधे के पास बैठने से मन शांत और शरीर हल्का महसूस करता है।
आध्यात्मिक रूप से तुलसी का धैर्य, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। तुलसी पूजा मन को पवित्र करती है और भीतर दिव्यता का अनुभव कराती है। इसी कारण तुलसी-विवाह और कार्तिक मास में इसकी पूजा विशेष रूप से की जाती है।
