हर व्यक्ति के आसपास एक ऊर्जा क्षेत्र होता है, जिसे ‘आभामंडल’ कहा जाता है। यह ऊर्जा हमारे विचारों, भावनाओं और व्यवहार से प्रभावित होती है। जब हमारे विचार सकारात्मक होते हैं, तो आभामंडल मजबूत और प्रकाशमय होता है; जब नकारात्मक विचार बढ़ते हैं, तो ऊर्जा कमज़ोर होने लगती है। इसलिए सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाना, न केवल मानसिक बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का पहला तरीका है—सकारात्मक सोच। नकारात्मक परिस्थितियों में भी आशा बनाए रखना ऊर्जा को स्थिर रखता है। दूसरा तरीका है—सत्संग, अच्छी किताबें और प्रेरणादायी विचारों का अध्ययन। ऐसी सामग्री मन को ऊंचे स्तर पर ले जाती है। इसके अलावा, ध्यान, मंत्र-जप और प्राणायाम ऊर्जा को शुद्ध करते हैं और शरीर में नए उत्साह का संचार करते हैं।
प्रकृति के साथ समय बिताना भी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का एक अद्भुत माध्यम है। पेड़-पौधे, खुला आकाश, हवा और सूर्य का प्रकाश मन को तुरंत शांत और ऊर्जावान बनाते हैं। इसके साथ ही, अच्छे कर्म—जैसे सहायता करना, दयालुता, और कृतज्ञता—मनुष्य के आभामंडल को तेजस्वी बनाते हैं।
जब व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों को सकारात्मक दिशा में ले जाता है, तो उसके जीवन में सफलता, शांति और संतुलन स्वाभाविक रूप से आने लगते हैं।
