हरिद्वार—गंगा तट पर शुद्धता, साधना और पवित्र स्नान का दिव्य अनुभव

हरिद्वार भारत के सबसे प्रमुख तीर्थों में से एक है, जहाँ गंगा नदी हिमालय से उतरकर मैदानों में प्रवेश करती है। हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा आरती यहाँ की सबसे दिव्य परंपरा मानी जाती है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। माना जाता है कि यहाँ स्नान करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

हरिद्वार केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि योग, साधना और आयुर्वेद का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। ऋषिकेश के निकट होने के कारण यह स्थान योग मार्ग पर चलने वाले साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है। विभिन्न आश्रमों में प्रतिदिन ध्यान, भजन, प्रवचन और सत्संग जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।

तीर्थयात्रियों के लिए हरिद्वार में कई प्राचीन मंदिर हैं—जैसे मनसा देवी, चंडी देवी और मायादेवी मंदिर। इन मंदिरों तक पहुँचने के लिए ट्रॉली का उपयोग किया जाता है, जो यात्रा को और अधिक सहज और आनंदमय बनाता है।

हरिद्वार की यात्रा केवल दर्शन भर नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का सशक्त अनुभव प्रदान करती है। यही कारण है कि इसे “देवताओं के द्वार” कहा गया है।