श्रावण मास: सोमवार-विशेष आराधना और सामाजिक व्यवस्थाओं का संवर्धन

श्रावण मास सोमवार-विशेष आराधना और सामाजिक व्यवस्थाओं का संवर्धन

श्रावण मास के आगमन के साथ शिवालयों में सोमवार-विशेष पूजा, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन की परंपरा मान्यतानुसार चल रही है। मंदिर प्रशासनों ने श्रद्धालुओं के लिये नियोजित कतार-प्रणाली, शुद्ध पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किये हैं ताकि भक्तों का अनुभव सुरक्षित तथा सुविधाजनक बने। कई स्थानों पर श्रावण मास के दौरान सामुदायिक सेवा-प्रवर्तन भी किया जा रहा है—जैसे निःशुल्क भोजन वितरण और दवाइयों की व्यवस्था—जिससे तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को लाभ मिलता है। धार्मिक शिक्षकों द्वारा श्रावण माह का आध्यात्मिक महत्व समझाने हेतु प्रवचन और सत्संग आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजक भक्तों से अपील कर रहे हैं कि वे मंदिर में अनुशासन बनाए रखें और पर्यावरण-सुरक्षा के नियमों का पालन करें, ताकि इस महोत्सव का धार्मिक एवं सामाजिक दायरा दोनों सुरक्षित रहे।