शुभ मुहूर्त क्या होते हैं? और क्यों जरूरी है सही समय पर कार्य करना

हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का अत्यधिक महत्व है। मुहूर्त का अर्थ है—ऐसा समय जब ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है। विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय शुरू करना, वाहन खरीदना जैसे कार्य मुहूर्त देखने के बाद करने की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है।

धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि ब्रह्मांड में लगातार ऊर्जा प्रवाह होता रहता है। ग्रहों की स्थिति इस ऊर्जा को प्रभावित करती है। शुभ मुहूर्त वह समय है जब ब्रह्मांडीय ऊर्जा मनुष्य के कार्य को सफलता और स्थिरता देती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, मुहूर्त एक “अनुशासन पद्धति” है जो निर्णय लेने में स्पष्टता प्रदान करती है। यह मनोवैज्ञानिक रूप से व्यक्ति को सकारात्मक सोच देता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। सही समय पर कार्य शुरू करने से व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक तैयार होता है।

इसी कारण हिंदू संस्कृति में मुहूर्त को केवल ज्योतिष नहीं, बल्कि जीवन-व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण अंग माना गया है। यह परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी।