दीपावली के एहतियاتی योजनाओं में मंदिरों एवं समाजिक संस्थाओं ने प्रकाश सज्जा, साफ-सफाई और सामुदायिक सेवा पर विशेष जोर दिया है। मंदिरों में दिव्य व्यवस्था के साथ-साथ लक्ष्मी-पूजा हेतु भक्तों के लिए व्यवस्था विस्तारित की जा रही है ताकि दर्शन में सहजता रहे। कई संस्थाएँ दीपदान, अँधेरा हटाने के नाम पर गरीबों के लिए भोजन व वस्त्र वितरण जैसी सेवा भी आयोजित कर रही हैं। सुरक्षा कारणों से पटाखों के प्रयोग पर जागरूकता अभियानों के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की जा रही है। इस वर्ष कुछ मंडलों ने पारंपरिक संस्कृति और लोककला को थीम के रूप में अपनाया है जिन्हें शो-पीस तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा। मंदिर समितियाँ विशेष रूप से वृद्ध एवं असहाय लोगों के लिये घर पहुँच सेवा तथा फ्लेक्सी-पैनलिंग व्यवस्था कर रही हैं ताकि वे भक्तियों के दौरान असुविधाजनक न हों। दीपावली के शुभ अवसर पर समुदाय में मेलजोल व सहयोग की भावना मजबूत करने के लिये अनेक स्थानों पर सामूहिक पूजा व सामुदायिक भोजन का आयोजन भी प्रस्तावित है।
दीपावली: पारंपरिक स्थलों पर प्रकाश सज्जा व सामुदायिक सेवा कार्यक्रम
