अयोध्या—भगवान श्रीराम की जन्मभूमि और मर्यादा का पवित्र संदेश

अयोध्या भारत की सबसे पवित्र और ऐतिहासिक नगरी मानी जाती है। यह भगवान श्रीराम का जन्मस्थान है और राम भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। रामलला के दर्शन, सरयू घाट पर आरती, और प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला भक्तों के मन में गहन श्रद्धा का संचार करती है।

अयोध्या का वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ प्रतीत होता है। यहाँ के घाट, विशेषकर सरयू आरती, भक्तों को दिव्य अनुभव प्रदान करते हैं। कनक भवन, हनुमानगढ़ी, राम की पैड़ी और नागेश्वरनाथ मंदिर जैसे स्थल यात्रियों को धार्मिक आस्था से जोड़ते हैं।

अयोध्या का इतिहास अत्यंत समृद्ध है और पुराणों में इसका विवरण मिलता है। यहाँ की यात्रा व्यक्ति को मर्यादा, धर्म और आदर्शों की महत्ता का संदेश देती है।

अयोध्या में सत्संग, रामकथा, भजन संध्या और पूजा-अर्चना के कार्यक्रम लगातार चलते रहते हैं। घाटों पर बैठकर सरयू नदी की शीतल हवा और घंटियों की ध्वनि के बीच ध्यान करना मन को अत्यंत शांत करता है।

अयोध्या की यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि श्रीराम के जीवन आदर्शों को समझने और अपनाने का अवसर भी प्रदान करती है।